आइसक्रीम बनाने के व्यापार की जानकारी 

आइसक्रीम बनाने के व्यापार की जानकारी 

डेरी उद्योग पर आधारित आइसक्रीम making business बहुत ही profitable साबित हो सकता है | इसको कोई भी उद्यमी छोटे स्तर पर शुरू करके अपनी Kamai का साधन बना सकता है | आइसक्रीम विभिन्न खाद्य पदार्थों के मिश्रण से बनाई जाने वाली खाद्य पदार्थ है | जिसको बनाने में मक्खन, क्रीम, दूध, अंडे, फलों इत्यादि का उपयोग किया जाता है, लेकिन यह जरुरी नहीं की आइसक्रीम making में अंडे, फलों  इत्यादि को मिलाया ही जाय यदि उद्यमी चाहे तो अंडे फलों के बिना भी आइसक्रीम making process को अंजाम दे सकता है | एक अच्छी और गुणवक्ता युक्त आइसक्रीममें 10% दूध, और 20% दूध के ठोस जैसे मक्खन, क्रीम इत्यादि की मात्रा और बाकी Flavoring material,मीठा बनाने हेतु चीनी, खुशबू हेतु फलों या फूलों के Essence इत्यादि  होती हैं |

आइसक्रीम क्या है ?

हालांकि आइसक्रीम का नाम लगभग सभी जानते हैं और सभी ने कभी न कभी अपने जीवन में इसको खाया भी होगा लेकिन यदि कोई किसी व्यक्ति से पूछे की आइसक्रीम क्या होती है तो शायद वह इतना ही कह पायेगा की आइसक्रीम ice-cream होती है और क्या होती है | लेकिन आइसक्रीम को परिभाषित करते समय हम यह कह सकते हैं की आइसक्रीम दूध, क्रीम चीनी एवं अन्य सामग्री को मिलाकर उस मिश्रण को एक विशेष तकनीक का उपयोग करके ज़माने (Frozen) के बाद उत्पादित की जाती है | आइसक्रीम का उपयोग लगभग 100 साल पहले से होता आया है | लेकिन इसका अधिकतर उपयोग तब से हुआ जब से refrigerator उपयोग में आने शुरू हुए हैं | आइसक्रीम को दूध, बसा और सुगन्धित पदार्थों युक्त अर्ध जमी हुई एक मिठाई भी कहा जा सकता है |

Business Scope in आइसक्रीम making in India

India के उत्तरपूर्वी राज्यों में हो रही जनसँख्या में वृद्धि, और युवाओं के जीवनशैली में हो रहे तेजी से बदलावों के कारण आइसक्रीम making business में Growth देखी जा सकती है | एक आंकड़े के अनुसार India में प्रति व्यक्ति आइसक्रीम की खपत उन्नत देशों की तुलना में बहुत कम लगभग 200ml है, जबकि अंतराष्ट्रीय तौर पर यह आंकड़ा 2 ltrs प्रति व्यक्ति है | जो साफ तौर पर इशारा कर रहा है की India में अन्य देशों के मुकाबले इस आइसक्रीम Making business  में दस गुना scope है | वैसे तो आइसक्रीम का उपभोग अधिकतर तौर पर शहरों में किया जाता है, लेकिन विभिन्न कार्यक्रमों, आयोजनों जैसे शादी समारोह, जन्मदिन पार्टी, शादी की वर्षगाँठ इत्यादि में ग्रामीण इलाकों में भी आइसक्रीम का उपभोग होता है | हालाँकि गर्मियों में इस आइसक्रीम Making business  से जुड़े उद्यमियों को अपने उत्पाद को बेचने के लिए अधिक चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ता | बरसात के मौसम में थोड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन बेहतर होगा की यदि सर्दियों में production बंद ही रहे  |

Required registration for आइसक्रीम making business

आइसक्रीम making business start करने के लिए उद्यमी को चाहिए की वह अपने बिज़नेस के लिए स्वामित्व Pattern का निर्णय ले | और उसको Registrar of companies के नियमो के मुताबिक रजिस्टर करे | यदि व्यक्ति प्राइवेट लिमिटेड कंपनी रजिस्टर करने की सोच रहा तो इस Registration process को अपना सकता है | इसके अलावा उद्यमी को Trade License, Tax Registration एवं FSSAI की लाइसेंस की भी आवश्यकता पड़ सकती है | और उद्यमी को एक बार अपने क्षेत्र में स्थित जिला उद्योग केंद्र से भी अवश्य संपर्क करना चाहिए | ताकि वह बिज़नेस स्टार्ट करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया को समझ सके, और जल्दबाजी में कोई प्रक्रिया छुटने न पाय |

Raw Materials required for आइसक्रीम making business:

वैसे तो आइसक्रीम बनाने के लिए विभिन्न ingredients एवं recipe का उपयोग किया जाता है, इसलिए recipe और आइसक्रीम के प्रकारों के आधार पर Raw Material अंतरित हो सकता है | लेकिन आइसक्रीम making business में जो प्रमुख रूप से Raw Material इस्तेमाल किया जाता है, उसकी लिस्ट निम्नवत है

1      दूध

2      क्रीम

3      मक्खन/वसा

4      दूध पाउडर

5      चीनी

6      स्टेब्लाईज़र जैसे ग्वार गम/ शलभ फली गोंद/ एथिल सेल्यूलोज इत्यादि |

7      एसेंस/फ्लेवर |

Machinery required for आइसक्रीम making business

एक आइस क्रीम उद्योग के प्रोडक्शन सेक्शन को दो भागो में विभाजित किया जा सकता है | condensing सेक्शन और फ्रीजिंग सेक्शन condensing सेक्शन में जहाँ हैवी ड्यूटी फ्रिक condensing मशीन की सहायता ली जाती है वहीँ फ्रीजिंग सेक्शन फ्रीजिंग मशीन और स्टोरेज कैबिनेट से यह काम संपन्न कराया जाता है |  इसके अलावा उद्यमी को आइसक्रीम making business के लिए कुछ छोटे मोटे उपकरणों जैसे Expansion volb और तांबे के Tube इत्यादि की भी आवश्यकता पड़ सकती है | condensing यूनिट को जहाँ बिजली द्वारा चालित मोटर से चलाया जा सकता है वही इसको पेट्रोल इत्यादि से भी चलाया जा सकता है |

आइसक्रीम making Process

आइसक्रीम making की अलग अलग प्रक्रियाएं हो सकती हैं लेकिन यहाँ पर हम एक सामान्य विधि का वर्णन का रहे हैं, जो अधिकतर रूप से अपनाई जाती है | इस process को हम निम्नलिखित सात भागों में विभाजित कर सकते हैं | तो आइये जानते हैं उन सात steps के बारे में जिनका अनुसरण अधिकतर तौर पर लोगों द्वारा आइस क्रीम बनाने के लिए किया जाता है |

1. Mixing Ingredients is the first step:

आइसक्रीम बनाने के लिए सर्वप्रथम लिए गए Ingredients को एक दूसरे में मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लिया जाता है, इस process में दूध, पानी, चीनी इत्यादि को मिलाया जाता है |

2. Pasteurization of mixer is the second step:

यदि उद्यमी या व्यक्ति ने प्रथम स्टेप में सभी पदार्थों को मिला दिया हुआ हो तो दूसरा स्टेप इस मिश्रण को पाश्च्युरीकृत करने का है, पाश्च्युरीकरण करने के लिए मिश्रण को 25-30 मिनटों के लिए 72 सेंटीग्रेड के तापमान पर गरम किया जाता है | इस क्रिया को अंजाम देते वक्त एक ध्यान देने योग बात यह है की पाश्च्युरीकरण करने से पहले मिश्रण में दुग्ध उत्पादित पदार्थ, पानी और चीनी ही डाली जाती है बाकी स्टेबलाइज़र इत्यादि पाश्च्युरीकरण के बाद डाले जाते हैं | इस क्रिया को इसलिए अंजाम दिया जाता है ताकि मिश्रण में मौजूद बैक्टीरिया गरम करने के दौरान मर जाएँ |

3. Homogenization अर्थात मिश्रण को एक समान करना:

पाश्च्युरीकरण के बाद मिश्रण में अन्य Ingredients (Flavor, essence के अलावा)  डालकर उसे Homogenization अर्थात एक समान करने की प्रक्रिया चालू की जाती है | इस क्रिया को अंजाम देने के लिए मिश्रण को किसी सख्त और लम्बी वस्तु से अच्छी तरह हिला लिया जाता है, जिससे मिश्रण में चिकनाई का प्रादुर्भाव होता है | और यह प्रक्रिया तब तक जारी रखी जाती है जब तक सारे पदार्थ अच्छी तरह एक दुसरे में मिल न गए हों |

4. Mixer ki cooling:

उपर्युक्त स्टेप करने के बाद मिश्रण को 4-5 घंटे ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाता है, यह प्रक्रिया करने से जहाँ मिश्रण में bacterial growth को कम किया जा सकता है, वही इस मिश्रण की आयु भी बढ़ जाती है | Fridgeing tank में आइसक्रीम ज़माने हेतु डालने से पहले इस मिश्रण का तापमान 40F से अधिक नहीं होना चाहिए |

5. Essence aur color add kare :

अब इस मिश्रण को ज़माने से पहले बेहद जरुरी हो जाता है की उसमे खुशबू और रंग मिला दिए जाएँ ताकि एक सुगन्धित और आकर्षक दिखने वाली आइसक्रीम का निर्माण हो सके | यदि उद्यमी आइसक्रीम को कोई ख़ास आकार देना चाहता हो तो वह अपने मन मुताबिक इस मिश्रण को उस सांचे में भर सकता है | ताकि जब इस आइसक्रीम making business में आइसक्रीम बनके तैयार हो जाय तो वह उद्यमी के अनुमानित आकार पर खरी उतर सके |

6. Freezing Karna :

अब उद्यमी को चाहिए की वह मिश्रण को साँचो में भरकर Freezing के लिए रख दे, आइसक्रीमकिनी देर में जमकर तैयार हो जाएगी वह इस बात पर निर्भर करेगा की उद्यमी द्वारा कौन से Fridge उपयोग में लाये जा रहे हैं | और यह भी निश्चित है की आइस क्रीम 0 सेंटीग्रेड से कम तापमान पर ही जमती है | इसलिए फ्रिज की क्षमता जितनी जल्दी जितना अधिक ठण्ड करने की होगी आइसक्रीम भी उतनी ही जल्दी जम पायेगी |

7. Pista Badam Ityadi Add Karna:

अब उद्यमी चाहे तो अपने द्वारा उत्पादित आइसक्रीम को थोड़ा और स्वादिष्ट बनाने के लिए उसमे काजू, किशमिश, पिस्ता, बादाम इत्यादि को शामिल कर सकता है | और अलग अलग आइस क्रीम के अलग अलग मूल्य भी निर्धारित करके बेच सकता है |

आइसक्रीम Making business गृह उद्योग के रूप में भी किया जा सकता है, इसके लिए आइसक्रीम बनाने के लिए आइसक्रीम बॉक्स का उपयोग संभावित है | इन आइस क्रीम के बोक्सों की प्लेट में आइसक्रीम के सांचे बने होते हैं, जिनमे मिश्रण डालकर कुल्फी इत्यादि का निर्माण संभावित है | आइसक्रीम making business में आइसक्रीम की गुणवत्ता आइसक्रीम बनाने में उपयोग में लाये जाने वाले कच्चे माल पर निर्भर करती है |

Pappu Bandod

मेरा नाम पप्पू बन्डोड मुझे हमेशा से ही कुछ ना कुछ नया करने की आदत है जब भी में अकेला होता हु तब तब में एक कुछ नए चीज का निर्माण जरुर कर देता हु मेरा मतलब ये है की में हमेशा नये विचार से कुछ न कुछ तैयार करता हु और उस विचार को में लिख लेता हु इसी लिए में यह वेबसाइट बनाई ताकि जब भी में कुछ नया सिखु तो में औरो को भी सीखा सकू अपने विचरो से अपने भवनों से धन्यवाद !

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